नई दिल्ली: आने वाले सप्ताह में सोने की कीमतों में मजबूती बने रहने की संभावना जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग बढ़ रही है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर बनी उम्मीदें भी सोने को सहारा दे रही हैं। दूसरी ओर, चांदी में पिछले सप्ताह की जबरदस्त तेजी के बाद अब कुछ ठहराव या सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
पिछले छह कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में करीब ₹49,100 की जोरदार छलांग देखने को मिली है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या फिर इसमें करेक्शन आएगा।
इन वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
विश्लेषकों का कहना है कि अगले सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख वैश्विक आर्थिक आंकड़े कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इनमें बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के महंगाई आंकड़े, उपभोक्ता खर्च से जुड़े संकेतक, जीडीपी ग्रोथ डेटा और बेरोजगारी भत्ते के दावों से जुड़े आंकड़े शामिल हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था किस दिशा में बढ़ रही है और इसका असर सीधे सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ेगा।
चीन और वैश्विक घटनाक्रम भी अहम
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के मुताबिक, चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़े न सिर्फ औद्योगिक धातुओं बल्कि कीमती धातुओं के लिए भी महत्वपूर्ण रहेंगे। इसके अलावा विश्व आर्थिक मंच (WEF) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन और व्यापार शुल्कों से जुड़े मामलों पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकता है।
घरेलू बाजार में सोने का रिकॉर्ड प्रदर्शन
पिछले सप्ताह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा भाव में ₹3,698 यानी करीब 2.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इस दौरान बुधवार को सोने ने ₹1,43,590 प्रति 10 ग्राम का नया रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। प्रणव मेर के अनुसार, कमजोर रुपये और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती दी। हालांकि, सप्ताह के अंत में मुनाफावसूली के चलते इसमें हल्की नरमी देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक
वैश्विक बाजार की बात करें तो कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव पिछले हफ्ते 94.5 डॉलर यानी 2.09 फीसदी बढ़कर 4,595.4 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। सप्ताह के दौरान सोना 4,650.50 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक भी पहुंच गया था।
एंजेल वन के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रथमेश माल्या का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर, कम बॉन्ड यील्ड और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी सोने की कीमतों को मजबूती दे रही है। उनके मुताबिक, एमसीएक्स पर सोना आने वाले समय में ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 4,750 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू सकता है।
चांदी में दिख सकता है ठहराव
जहां तक चांदी की बात है, तो इसमें पिछले सप्ताह असाधारण तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी के भाव करीब 14 फीसदी यानी ₹35,037 बढ़कर ₹2,92,960 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 11.6 फीसदी की तेजी के साथ 88.53 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। दिल्ली के स्थानीय सराफा बाजार में शुक्रवार को चांदी ₹2,92,600 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज और लंबी तेजी के बाद चांदी में कुछ हद तक करेक्शन या स्थिरता आना स्वाभाविक है। हालांकि, लंबी अवधि के लिहाज से चांदी को लेकर रुझान अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
इनक्रेड मनी के सीईओ विजय कुप्पा के अनुसार, “चांदी में जबरदस्त उछाल के बाद अगर कीमतों में हल्की गिरावट या ठहराव आता है तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह बाजार का सामान्य व्यवहार है और इससे चांदी के दीर्घकालिक ट्रेंड पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।”
क्यों मजबूत बना हुआ है सोना?
सोने की कीमतों में जारी तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग है। जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं भी सोने को सपोर्ट कर रही हैं। कम ब्याज दरों के माहौल में फिक्स्ड डिपॉजिट और बॉन्ड जैसे विकल्प कम आकर्षक हो जाते हैं, जिससे निवेशक सोने जैसी कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं।

